Tuesday, June 21, 2011
Monday, October 11, 2010
Sunday, September 12, 2010
Thursday, June 24, 2010
गोलि की बोली

पहली बार देखि ऐसी कमाल की ये गोली !!!
एक सन्डे छुट्टी के दिन, नाम कर गयी गोली,
Devotee के laptop छु ने, आई थी वो गोली ,
छु के भी खून न निकले , शांति प्रिय गोली ,
पहली बार देखि ऐसी अहिंसावादी गोली ,
Dog को GOD के पास , भेज ने चली थी गोली ,
Dog को बचा कर GOD ने , अपने पास बुला ली गोली ,
मुझे क्या तू भक्त को छु ले , तू पावन हो जाएगी गोली ,
भक्त को famous बना ने को , निमित बनायी गोली ,
पहली बार देखि ऐसी निमित मात्र गोली
हम जैसे उसको भी पता नहीं , क्यों आई थी वो गोली ,
हमारे जैसे प्रेम के बस , खिची चली आई गोली ,
इसी लिए देखो दर्शन लाइन में , कैसी घुसी गोली ,
पहली बार देखि ऐसी घुसमारू गोली
आश्रम वाले समज न पाए, भक्त थी वो गोली,
दुसरे भक्त को धक्का मर के, दरसन को निकली गोली,
मानव शारीर होता उसका, जरुर teacher बनती गोली,
पहली बार देखि ऐसी devotional गोली.
पीछे पद गयी पुलिस सारी, ढूंढे कहा से आई गोली,
सब काल्पनिक विचार करे, किसने चलायी गोली,
सब के मन में एक विचार, काश बोल पाती ये गोली,
पहली बार देखि ऐसी रहस्यमय गोलि।
पुलिस वाले बोले दूर से आई थी वो गोलि,
मिनिस्टर लापरवाही से बोले, अंदर ही अंदर चली गोलि,
प्रेस वाले confuse सारे, यहाँ मुस्कुराये चलने पे गोलि ?!?!?
यहाँ तो सत्संग में दिवाली-होली, जिस दिन चली थी ये गोलि,
पहली बार देखि ऐसी उत्सव मानाने वाली गोलि।
एक सन्डे छुट्टी के दिन, नाम कर गयी गोली,
Devotee के laptop छु ने, आई थी वो गोली ,
छु के भी खून न निकले , शांति प्रिय गोली ,
पहली बार देखि ऐसी अहिंसावादी गोली ,
Dog को GOD के पास , भेज ने चली थी गोली ,
Dog को बचा कर GOD ने , अपने पास बुला ली गोली ,
मुझे क्या तू भक्त को छु ले , तू पावन हो जाएगी गोली ,
भक्त को famous बना ने को , निमित बनायी गोली ,
पहली बार देखि ऐसी निमित मात्र गोली
हम जैसे उसको भी पता नहीं , क्यों आई थी वो गोली ,
हमारे जैसे प्रेम के बस , खिची चली आई गोली ,
इसी लिए देखो दर्शन लाइन में , कैसी घुसी गोली ,
पहली बार देखि ऐसी घुसमारू गोली
आश्रम वाले समज न पाए, भक्त थी वो गोली,
दुसरे भक्त को धक्का मर के, दरसन को निकली गोली,
मानव शारीर होता उसका, जरुर teacher बनती गोली,
पहली बार देखि ऐसी devotional गोली.
पीछे पद गयी पुलिस सारी, ढूंढे कहा से आई गोली,
सब काल्पनिक विचार करे, किसने चलायी गोली,
सब के मन में एक विचार, काश बोल पाती ये गोली,
पहली बार देखि ऐसी रहस्यमय गोलि।
पुलिस वाले बोले दूर से आई थी वो गोलि,
मिनिस्टर लापरवाही से बोले, अंदर ही अंदर चली गोलि,
प्रेस वाले confuse सारे, यहाँ मुस्कुराये चलने पे गोलि ?!?!?
यहाँ तो सत्संग में दिवाली-होली, जिस दिन चली थी ये गोलि,
पहली बार देखि ऐसी उत्सव मानाने वाली गोलि।
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